जानिए रीढ़ की हड्डी का एमआरआई (MRI) व इसकी संपूर्ण प्रक्रिया !


जानिए रीढ़ की हड्डी का एमआरआई (MRI) व इसकी संपूर्ण प्रक्रिया !

 

अगर आपके रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या बनी रहती है तो ऐसे में दर्द के बारे में जानने के लिए आपको एमआरआई (MRI) टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है। तो वही आज के आर्टिकल में हम एमआरआई (MRI) स्कैन के बारे में बात करेंगे की कब और कैसे इस स्कैन की जरूरत लोगो को पड़ सकती है तो अगर आप भी इसके बारे में जानना चाहते है तो आर्टिकल को अंत तक जरूर से पढ़े ;

 

एमआरआई (MRI) स्कैन क्या है ?

  • एमआरआई स्कैनर एक बड़ी ट्यूब होती है, जिसमें शक्तिशाली चुम्बक लगे होते है। वही आप स्कैन के दौरान इस ट्यूब के अंदर लेटते है।
  • एमआरआई स्कैन से शरीर के किसी भी हिस्से की जाँच की जाती है जैसे: मस्तिष्क और रीढ़ के हड्डी की जाँच, हड्डियाँ और जोड़े की जाँच, स्तन की जाँच, दिल और रक्त वाहिकाओं की जाँच, आंतरिक अंग-जैसे कि जिगर, गर्भ या प्रोस्टेट ग्रंथि आदि की जाँच।

 

रीढ़ के हड्डी के एमआरआई (MRI) की जरूरत किन्हें होती है ?

  • एमआरआई सर्वाइकल स्पाइन रीढ़ के सर्वाइकल क्षेत्र (गर्दन के पीछे के तरफ) की जांच का पता लगाने में मदद करते है।
  • वही यह गर्दन और रीढ़ की अंदरूनी चोट या फ्रैक्चर का पता करने में मदद करती है। यदि आपको गर्दन के क्षेत्र में दर्द है तो आपका डॉक्टर आमतौर पर आपको एमआरआई करवाने की सलाह देते है।

अगर आपको भी अपना एमआरआई करवाना है तो इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से लुधियाना में MRI का खर्च कितना है के बारे में जरूर जानकारी लेनी चाहिए।

 

रीढ़ का एमआरआई (MRI) कैसे किया जाता है ?

  • आपको एमआरआई मशीन से जुड़ी स्कैन टेबल पर लेटना होगा।
  • इसके बाद तकनीशियन आपको इयरप्लग देंगे। 
  • मरीज के सिर और गर्दन के चारों तरफ एक प्लास्टिक की तार को लगाया जाता है।
  • फिर स्कैन टेबल एमआरआई मशीन में चली जाती है। 
  • जब आप एमआरआई मशीन के अंदर हों तब भी स्थिर रहना महत्वपूर्ण है। 
  • वही एमआरआई सर्वाइकल स्पाइन प्रक्रिया में 30 से 60 मिनट लगते है।
  • एमआरआई स्कैन के बाद व्यक्ति अपनी दिनचर्या फिर से शुरू कर सकता है। लेकिन वो अगर बेहोश है, तो उसे कुछ देर रुक जाना चाहिए।
  • इसके अलावा एक स्तनपान कराने वाली मां को 24-48 घंटों तक दूध पिलाने से बचना चाहिए, अगर कंट्रास्ट डाई का उपयोग करके एमआरआई किया जाता है।

अगर आपकी हड्डियों या शरीर के किसी भी अंग में ज्यादा दर्द है तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में CT स्कैन के खर्च की जानकरी लेकर इसे करवा लेना चाहिए।

 

रीढ़ की हड्डी के एमआरआई टेस्ट के साथ और कौन-से टेस्ट किए जाते है ?

  • सीटी स्कैन। 
  • मायलोग्राम  टेस्ट। 
  • डिस्कोग्राफी टेस्ट। 
  • सेरेब्रल स्पाइनल टेस्ट। 
  • एमआरआई टेस्ट। 

एमआरआई (MRI) टेस्ट करवाने का बेस्ट हॉस्पिटल ?

  • अगर आपके रीढ़ की हड्डी में भी उपरोक्त तरह की समस्याएं उत्पन्न हो गई है तो उसको अच्छे से जानने के लिए आपको कल्याण डायग्नोस्टिक्स हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। वही आपको बता दे की इस हॉस्पिटल में मरीजों का टेस्ट आधुनिक और नवीनतम मशीनों की मदद से किया जाता है। 

 

निष्कर्ष :

  • शरीर में किसी भी तरह की समस्या अगर उत्पन्न हो जाए तो आपको डॉक्टर के परामर्श पर एमआरआई टेस्ट का चयन करके बीमारी को जानने के बाद ही दवाई का सेवन करना चाहिए।