Decoding the Differences between CT Scan vs MRI

Decoding the Differences between CT Scan vs MRI

Imaging technologies are critical in delivering insights into the human body in the area of medical diagnosis. CT scans (Computed Tomography) and MRI (Magnetic Resonance Imaging) are two regularly utilized imaging procedures. While both CT scans and MRI have revolutionized diagnostic medicine, they differ in key ways, including the technology used, the sorts of pictures produced, and their applications. Understanding the distinctions between these two imaging modalities is critical for both patients and healthcare practitioners. In this blog, we will decipher the differences between CT scans and MRIs, providing light on their distinct qualities, benefits, and applications. Whether you are looking for a diagnostic center or simply want to understand more about CT scan cost in Ludhiana, this blog is for you.

Understanding CT Scan:

A CT scan, otherwise called figured tomography, uses X-beams and a PC to make point-by-point cross-sectional pictures of the body. It gives an exhaustive perspective on bones, organs, and tissues, permitting healthcare experts to detect irregularities, recognize wounds, and analyze the scope of ailments. CT scans are especially valuable for assessing head wounds, recognizing growths, evaluating interior dying, and looking at the chest, mid-region, and pelvis.

Investigating MRI:

MRI, or attractive reverberation imaging, utilizes a powerful attractive field and radio waves to produce exceptionally itemized pictures of the body’s structures. Not at all like CT scans, MRI doesn’t include radiation, making it a more secure choice for specific people. MRI is known for its capacity to give multifaceted pictures of delicate tissues, like the mind, spinal string, joints, and organs. It is normally used to analyze conditions like cerebrum growths, spinal line wounds, joint problems, and cardiovascular infections.

Distinguishing Factors:

  1. Innovation and Picture Arrangement:

CT scans depend on X-beam innovation to deliver pictures, while MRI utilizes attractive fields and radio waves. This key distinction in innovation impacts the kind of data each imaging procedure catches. CT scans succeed at featuring bone structures and detecting thick tissues, while MRI offers the uncommon perception of delicate tissues and definite physical structures.

  1. Radiation Openness:

One huge factor to consider is radiation openness. CT scans include openness to ionizing radiation, which conveys likely dangers, especially with rehashed openness. Then again, MRI doesn’t utilize radiation, making it a favored choice for people who might be more delicate to radiation or require different imaging meetings.

  1. Picture Lucidity and Difference:

CT scans are known for their excellent lucidity and capacity to envision bone structures and thick tissues with high differences. They are especially effective in detecting fractures, growths, and calcifications. MRI, then again, gives definite pictures of delicate tissues, offering better differentiation for recognizing healthy and strange tissues.


Understanding the differences between CT scans and MRIs is pivotal in deciding the most suitable diagnostic imaging method for your particular clinical requirements. By talking with a trusted diagnostic centre in Ludhiana, like Kalyan Diagnostics you can settle on informed conclusions about which imaging methodology, CT scan or MRI, is the most ideal for your specific circumstance. Have confidence, both CT scans and MRI are powerful devices in the possession of gifted clinical experts, empowering exact judgments and effective therapy making arrangements for a great many ailments.

क्यों किया जाता है एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT), जानें इनके बीच का अंतर ?

एमआरआई और सीटी स्कैन क्या है और इनकी मदद से कैसे हम बीमारियों के बारे में जानकारी हासिल करके अच्छे से इलाज शुरू करवा सकेंगे। तो आज के आर्टिकल में हम इसके बारे में बताएंगे की ये दोनों टेस्ट है क्या ;

क्या है एमआरआई टेस्ट ?

  • रेडियो तरंगों और चुम्बकों का उपयोग करके, आपके शरीर के अंदर की वस्तुओं को देखने के लिए एमआरआई (MRI) का उपयोग किया जाता है। 
  • वही इसमें एक निरंतर चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो फ्रीक्वेंसी आपके शरीर में फैट और पानी के अणुओं से उछलती है। 
  • इसमें शरीर के अंदर की उच्च गुणवत्ता वाली, विस्तृत तस्वीरें बनाने के लिए एक बड़े चुंबक, रेडियो तरंगों और कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। वही बता दे की एमआरआई का जाँच दर्दरहित होता है। 

एमआरआई (MRI) करवाने से क्या पता चलता है ?

  • मस्तिष्क, रीढ़, जोड़ों, हृदय, लीवर, और कई अन्य अंगों जैसे शरीर के कोमल-ऊतक संरचनाओं की एमआरआई (MRI) चित्रों के द्वारा ज्यादा सटीक रूप से पहचाना जा सकता है। कैंसर, हृदय की बीमारी, मांसपेशियों और हड्डियों की बीमारियों, और कई अन्य बीमारियों का डायग्नोसिस एमआरआई स्कैन से किया जा सकता है।

किन कारणों से एमआरआई (MRI) करवाया जाता है ? 

  • एमआरआई टेस्ट डॉक्टर इसलिए करवाते है ताकि उन्हें किसी बीमारी या चोट के बारे में अच्छे से जानकारी हासिल कर सके। 
  • वही एमआरआई आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर किया जाता है। और यह कोमल टिशूज और तंत्रिका तंत्र को देखने के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है।

एमआरआई (MRI) टेस्ट का खर्चा कितना आता है ?

  • एमआरआई की जांच के लिए मरीज से 500 से लेकर 8 हजार या उससे ज्यादा की फीस ली जाती है। हालांकि ये टेस्ट अभी कॉन्ट्रैक्ट बेस पर मशीनें लगाकर करवाई जा रही है। वही लुधियाना में MRI का खर्च हॉस्पिटल और मशीनों पर निर्भर करता है।

एमआरआई (MRI) और सीटी (CT) स्कैन के बीच का अंतर क्या है ?

  • यह दोनों मशीनें देखने में भले एक जैसी लगती हों, लेकिन इन दोनों के बीच में बड़ा अंतर है। MRI मशीन जहां रेडियो तरंगों के जरिए काम करती है, वहीं सिटी स्कैन मशीन एक्स-रे के जरिए काम करती है। 
  • एमआरआई मशीन का काफी शोर होता है, इसलिए मरीज की सुविधा को देखते हुए उन्हें हेडफोन लगा दिया जाता हैं, ताकि वे मशीन के शोर से परेशान न हों। 

सीटी (CT) स्कैन का टेस्ट किस लिए किया जाता है ?


  • वही विभिन्न प्रकार के हृदय रोग या असामान्यताओं का संदेह होने पर हृदय के सीटी स्कैन का आदेश दिया जा सकता है।

सीटी (CT) स्कैन की लागत क्या है ?

सीटी (CT) या एमआरआई (MRI) स्कैन करवाने का बेहतरीन हॉस्पिटल या सेंटर ?

  • अगर आप सही कीमत में सीटी और एमआरआई स्कैन करवाना चाहते है तो इसके लिए आप कल्याण डायग्नोस्टिक हॉस्पिटल का चयन जरूर से करें। 

निष्कर्ष :

  • उम्मीद करते है की अब आपको पता चल गया होगा की एमआरआई और सीटी स्कैन से जाँच कैसे की जाती है। और ये किन-किन बीमारियों की जाँच के लिए प्रयोग में लाया जाता है।